➤ शिमला, मनाली और ऊंचे पहाड़ों पर सीजन की पहली भारी बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश
➤ शिमला-चौपाल सड़क बंद, नारकंडा NH पर फिसलन, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की एडवाइजरी
➤ IMD का चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति की चोटियों पर ऑरेंज अलर्ट, 26 जनवरी से फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव
हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में देर रात से जोरदार बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की गई। शिमला, मनाली, नारकंडा, जाखू, ढली और लाहौल घाटी समेत कई स्थानों पर इस विंटर सीजन का पहला हिमपात हुआ। सुबह होते ही टूरिस्ट होटल छोड़कर सड़कों और रिज पर बर्फ के बीच मस्ती करते नजर आए।
शिमला में देर रात से बर्फीला तूफान चल रहा है। करीब साढ़े तीन महीने बाद बारिश-बर्फबारी होने से प्रदेश में चला आ रहा ड्राइ स्पेल टूट गया है। तापमान में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की अधिक ऊंची चोटियों पर आज दिनभर भारी हिमपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और किन्नौर के ऊंचे क्षेत्रों में भी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।
ताजा बर्फबारी के बाद शिमला-चौपाल मार्ग देहा से आगे फिसलन के कारण बंद हो गया है। नारकंडा NH पर भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लोगों को गैर जरूरी यात्रा टालने की हिदायत दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ऊना, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और बिलासपुर में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। मंडी, सोलन और सिरमौर में ओलावृष्टि, जबकि हमीरपुर में शीत लहर का अलर्ट है। 25 जनवरी को मौसम साफ रहने के बाद 26 और 27 जनवरी को फिर से स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे अच्छी बारिश-बर्फबारी के आसार हैं।

इस विंटर सीजन में नवंबर में 96%, दिसंबर में 99% और जनवरी में अब तक 94% कम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। ऐसे में इस बर्फबारी से किसानों, बागवानों और पर्यटन कारोबारियों ने राहत की सांस ली है।



